सांखला ने जन्मभूमि पर संभाला शारीरिक शिक्षक का पद

सांखला ने जन्मभूमि पर संभाला शारीरिक शिक्षक का पद

बावड़ी । इरादों में जान हो तो जन्मभूमि को कर्मभूमि बनाया जा सकता है , जिसके इरादे नेक हो मन में कुछ कर गुजरने की क्षमता हो , लगन , उच्च कोटि के विचार जेहन में लिए हुए अच्छा कार्य की क्षमता हो , तो कुछ भी नामुमकिन नहीं । सब कुछ मुमकिन है । यह कहानी जिले के छोटे से ग्राम बिराई के एक शारीरिक शिक्षक की है । जी हां शारीरिक शिक्षक बिरमाराम सांखला का जन्म बिराई की एक ढाणी में हुआ वर्ष 2004 में दसवीं पास राजकीय माध्यमिक विद्यालय बिराई से तथा 2009 2013 में स्नातक पास जोधपुर से किया । वर्ष में शारीरिक शिक्षक भर्ती में सिलेक्शन हो गया । प्रथम नियुक्ति जुलाई 2013 में सिरोही जिले के चटवाल में शारीरिक शिक्षक का पद संभाला था वह रहते हुए सॉफ्टबॉल में राज्य स्तरीय नेशनल लेवल तक टीम का प्रतिनिधित्व किया तथा सॉफ्टबॉल के कोच के रूप में आपने बेहतरीन सेवाएं दी । बिरमाराम ने सोमवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बिराई में शारीरिक शिक्षक पद पर कार्यभार ग्रहण कर लिया । गांव के बड़े बुजुर्गों सहपाठियों विद्यालय के गुरुजनों के समक्ष माता सरस्वती को दंडवत प्रणाम कर अपना कार्यभार ग्रहण किया इस अवसर पर सभी ने मुंह मीठा करवा कर सांखला का स्वागत किया । गांव से सॉफ्टबॉल के राष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार करना सांखला ने बताया गांव की स्कूल ज्वाइन करने का मुख्य उद्देश्य था बिराई में खेल प्रतिभाओं को निखार ने के लिए कोच की आवश्यकता महसूस हो रही थी , जिसे पूरा करने के लिए इस विद्यालय को ज्वाइन करने के लिए प्रयास किए थे और वह सफल भी रहे । बिराई विद्यालय में फुटबॉल , बास्केटबॉल , वॉलीबॉल , टेबल टेनिस , तथा सॉफ्टबॉल के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए वह अपनी जी - जान डाल देंगे । उन्होंने बताया कि गांव को खेलों में अग्रणी बनाने के उद्देश्य से अभिभावकों , स्कूल स्टाफ , एवं ग्रामीणों के सहयोग से इसमें निखार लाने का पूर्ण प्रयास करेंगे , जिससे खेलों के क्षेत्र में अपने गांव का नाम बुलंदियों को छुएं उसके लिए वह प्रयासरत रहेंगे ।

Sona  Devi

Sona Devi

Maliyo Ka Mhola Didwana, कलवानी रोड सर्किल के पास, Nagaur, Rajasthan

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